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Types of Maintenance in Hindi  के इस प्रकरण में हम समझेंगे,मेंटेनन्स क्या हे ? मेंटेनन्स के प्रकार कोनसे हे ? Preventive,predictive,Corrective और break down Maintenance किस तरह से मेंटेनन्स किया जाता हे। Maintenance Meaning In Hindi.


                     

What is Maintenance – Maintenance Definition 

 

किसी भी उपकरण को सलामती पूर्वक ऑपरेट करने के लिए,उसकी स्थिति बेहतर रखने के लिए या पूरी कार्यदक्षता से उसका आउट पुट लेने के लिए schedule के हिसाब से जो काम किया जाता हे, उसे मेंटेनन्स कहते हे।

रखरखाव होना बहोत जरुरी हे। नॉर्मली मेंटेनेंस दो टाइप में होते हे एक planned मेंटेनेंस और unplanned  मेंटेनेंस। वैसे सभी उपकरणों के मेंटेनेंस का कार्यक्रम एक जैसा नहीं होता। मशीन की आवश्यकता, महत्वता पे आधार रखता हे। किसी भी इंडस्ट्रीज की प्रगति के लिए मेंटेनन्स की जरुरत होती हे। मेंटेनन्स के कारण undesirable स्थिति से निपट सकते हे।

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Maintenance Meaning In Hindiरखरखाव

 

 

नॉर्मली इंडस्ट्रीज के सर्विस डिपार्टमेंट में इक्विपमेंट्स मेंटेनन्स के लिए तैयार किये गए सक्षम कर्मचारी होते हे। जो नियमित रूप से उपकरणों के मेंटेनेंस करते हे। सर्विस डिपाटमेंट में Mechanical, Electrical और Instrument Department ज्यादातर मैन्ट्नन्स के प्रकार को फॉलो करते हे।

जहा मैकेनिकल में पम्पस,ब्लोअर जैसे उपकरण Electrical में ट्रांसफार्मर, मोटर,जनरेटर जैसे उपकरण और इंस्ट्रूमेंट में वाल्व,सोलिनोइड जैसे उपकरण का मेंटेनेंस होता हे।

 

Maintenance का मुख्य उद्देश्य मशीनों और उपकरणों के उपयोग,उत्पादकता में वृद्धि और कंपनियों के लिए लागत को कम करना है।

 

Types of Maintenance in Hindi


 

नॉर्मली इंडस्ट्रीज में निम्नलिखित टाइप के मैंटेनैंस होते हे।

1 – Preventive Maintenance – निवारक रखरखाव

2 – Predictive Maintenance – भविष्य कहनेवाला रखरखाव

3 – Corrective Maintenance – सुधारात्मक रखरखाव

4 – Breakdown Maintenance – ब्रेकडाउन रखरखाव

 

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Maintenance Engineer-Types of maintenance in Hindi

 

Preventive Maintenance


 

निवारक रखरखाव- किसी भी उपकरण का ब्रेक डाउन होने से पहले उसके संभावित कारणों को दूर करने के लिए जो मैंटेनैंस किया जाता हे उसे प्रिवेंटिव मेंटेनन्स कहते हे। 

या ने हमारा एक्शन जो रहेगा वो आनेवाली संभावित समस्या को रोकने के लिए होगा उसे प्रिवेंटिव एक्शन भी कहते हे।

उसमे व्यवस्थित कार्यक्रम बना के नियमित समय पे मेंटेनेंस किया जाता हे। हर एक उपकरण का चेक पॉइंट अलग अलग होते हे। और इक्विपमेंट्स की कैपेसिटी और महत्वता को देखते हुए उसका Schedule बनाया जाता हे। जिसका नियमित रूप से पालन करके हम उपकरण की लाइफ एवं कार्यक्षमता बढ़ा सकते हे।

इसीलिए कहते हे……… Prevention is better than cure.

 

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Preventive Maintenance के लाभ 

 

1 -उपकरण की लाइफ बढ़ जाती हे।

2 -मेंटेनन्स खर्च कम हो जाता हे।

3 -ब्रेक डाउन कम होता हे इसीलिए प्रोडक्शन बढ़ता हे।

4 -प्लानिंग से किया जाता हे इसीलिए समय की पाबंधी नहीं होती।

5 -नियमित मेंटेनन्स होने से लोसिस कम होते हे जिसे एनर्जी का सेविंग होता हे।

     

उदहारण :-

 

Schedule के हिसाब से 0 से 15 hp तक की मोटर का तीन महीने में एक बार p.m किया जाता हे। वही 15 से 30 hp तक की मोटर दो महीने में p.m की जाती हे। और 30hp से ज्यादा कैपेसिटी की मोटर हे तो वो हर महीने उसका मेंटेनन्स किया जाता हे।

 

यदि कोई उपकरण सीधे उत्पादन या उत्पादन की गुणवत्ता पे असर करता है। या कोई क्रिटिकल उपकरणों में से हे तो उसको चेक करने की फ्रीक्वेंसी ज्यादा होती है। जैसे हप्ते में एक बार या पंद्रह दिन में एक बार चेक किया जाता हे।

 

यहां ये ध्यान रहे की प्रिवेंटिव मेंटेनन्स में समय सिमा में उपकरण को कैसे और क्या चेक करना हे उसका चेक पॉइंट पहले से त्यय होता हे। और उसके मुताबित हम मेंटेनन्स करते हे तो ब्रेक डाउन होने के चान्स बहुत कम हो जाते हे।

 

Predictive Maintenance


 

उपकरण स्थिति देख के जो असामान्यता दिखाई देती हे उसे भविष्य में आने वाले break down को दूर करने के लिए जो कदम उठाए जाते हे या ने मशीन के break down  हो ने से पहले जो कदम उठाए जाते हे उसे प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस कहते हे।

Predictive Maintenance में उपकरण की स्थिति और उसके पैरामीटर चेक किये जाते हे।यदि कोई उपकरण कार्यक्षम हे तो उसमे आवाज, वाइब्रेशन,टेम्प्रेचर प्रेशर जैसे पैरामीटर नियमित रूप से चेक किया जाता हे।

निरंतर निगरानी या ऑन-साइट निरीक्षणों के द्वारा एकत्र किए गए डेटा विश्लेषण के आधार पर तैयार किया जाता हे। यदि इसमें कोई असामान्यता पाई जाती हे तो सबंधित विभाग से संपर्क करके पूरी योजना के साथ समस्या का निवारण किया जाता हे। जिसे हम कम से कम टाइम में उपकरण को दुबारा चालु कर सकते हे।

                                              Maintenance Meaning                                                    

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Types of maintenance in Hindi-Data analysis of predictive maintenance

 

Predictive Maintenance  सभी प्रकार के मेंटेनन्स के पहलु ओ को पूरी तरह से समांप्त नहीं करता पर आने वाली विफलताओं (Break down) की संख्या को कम जरूर कर देता हे।

 

Predictive Maintenance के लाभ 

 

1 -मेंटेनन्स का खर्च कम करता हे।

2 -उपकरण के बंद हो जाने का चान्स कम हो जाता हे। समस्या के लक्षण मॉनिटरिंग के    दौरान पाए जाने के बजेसे समय रहते उसे ठीक कर दिया जाता हे।

3 -प्लानिंग के साथ काम करने से निवारण में कम समय लगता हे।

4 -उपकरण में होने जा रहा कोई बड़ा नुकशान से बच सकते हे।

5 -ऑपरेटर की सुरक्षा बढ़ सकती हे। कोई पैरामीटर abnormal हो रह हे और उसपे ध्यान न दे तो Destructive breakdown में कर्मचारी को चोट भी लग सकती हे और मृत्यु भी हो सकती हे।

6 –Breakdown कम होने की बजे से उत्पादन में वृद्धि होती हे।

7 -इस प्रकार के मेंटेनन्स से हम उपकरण के downtime कम कर सकते हे। और बड़े    नुकशान से भी बच सकते हे।

 

उदाहरण :-

 

इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट्स टांसफाईर्मेर का प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस की अनुसूची में हर एक शिफ्ट(8 hour per shift) एक बार चेक किया जाता हे। जिसमे उसका ओइल टेम्प्रेचर,वाइंडिंग टेम्प्रेचर, ओइल लेवल, ब्रिधर, ओइल लीकेज चेक किया जाता हे।

यदि इस अवलोकन में कोई  पैरामीटर abnormal पाया जाता हे तो। संबधित विभाग से बात करके ब्रेक डाउन आने से पहले उसे ठीक कर दिया जाता हे उसे प्रेडिक्टिव मेंटेनन्स कहते हे।

 

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 Corrective Maintenance


 

Corrective Maintenance – समस्या के कारणों (Root Cause) को धुंध के जो समस्या हुई हे वो दुबारा उत्पन्न न हो इसीलिए जो कदम उठाए जाते हे उसे करेक्टिव मेंटेनन्स या तो करेक्टिव एक्शन कहते हे।

या ने जब तक हमारा एक्शन समस्या के कारणों (Root Cause) पे नहीं होगा तब तक हमारा एक्शन करेक्टिव एक्शन नहीं होगा।

 

Corrective Maintenance के लाभ 

 

1 -समस्या के कारण (Root Cause) को ढूंढा जाता हे। इसीलिए दुबारा होने के चान्स कम हो जाते हे।  

2 -एक समस्या का कारण मिलने से उस समस्या पे ज्यादा ध्यान दिया जाता हे। इसीलिए ब्रेक डाउन के चान्स कम हो जाते हे।

3 -परफेक्ट समस्या पर ही काम करना हे इसी लिए ज्यादा प्लानिंग की जरुरत नहीं रहती।

4 -समस्या के कारण धुंध के उसी पे काम किया जाता हे इसीलिए इकोनोमिकल कोस्ट भी   कम रहती हे।

   

उदहारण :-

 

फील्ड में काम करने वाले ऑपरेटर या टेक्नीशन के नजर में आता हे की किसी मशीन से abnormal  आवाज आ रहा हे। चेक करने के बाद पता चला की ये आवाज पंप के बेअरिंग ख़राब होने से आ रही हे। उसके बाद बेअरिंग ख़राब होने के (Root Cause) कारण ढूंढे जाते हे।

जैसे की बेअरिंग में ग्रीस नहीं था, पंप का अलाइमेंट सही नहीं था,ओवर लोड हो रहा था…..  विगेरे। उस विशेष कारण को ढूंढ के उसका समाधान किया जाता हे। उसे करेक्टिव मेंटेनन्स या करेक्टिव एक्शन कहते हे।

 

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Breakdown Maintenance 


 

एक कार्यक्षम उपकरण किसी भी समस्या की बजेसे बंध हो जाता हे और उसे फिर से कार्यक्षम बनाने की कोशिश में जो काम किया जाता हे उसे ब्रेक डाउन मेंटेनन्स कहते हे। जो सभी प्रकार के मेंटेनन्स में सबसे ख़राब माना जाता हे।

इस प्रकार केमेंटेनन्स में मशीन का टूट जाना,उसके पार्ट्स अलग हो जाना,शार्ट सर्किट हो जाना,कोई अकस्मात् हो जाना जैसे कारण सामेल होते हे। जो फैक्टरी,कर्मचारी और मशीन किसी के भी लिए ये अच्छा संकेत नहीं हे। इसीलिए फैक्टरी का मैनेजमेंट हो या मालिक कर्मचारी हो या हेल्पर कोई भी इसी तरह का ब्रेक डाउन नहीं चाहेगा।

 

     Maintenance
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Types of maintenance in Hindi – Breakdown

                                                 Nobody want to listen breakdown

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Breakdown maintenance के लाभ 

 

1 – हमें प्रिवेंटिव और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस की तरफ ज्यादा सजाग रहने की चेतावनी देता हे।

2 – Breakdown time कम रहे इसीलिए कम मैन पावर से भी काम हो जाता हे।

3 – प्रिवेन्टिव और प्रेडिक्टिव मैंटेनैंस के तुलना में कम समय में काम हो जाता हे। क्युकी        उत्पादन शरु करने का सतत दबाव रहता हे।

    

Breakdown maintenance के गैरलाभ 

 

1 – उपकरण के बंध होने से सीधा उत्पादन लॉस बढ़ जाता हे।

2 – Urgency और Unplanned मेंटेनेंस की बजेसे लागत बढ़ जाती हे।

3 – उपकरण जल्दी कार्यक्षम करने में ओवर टाइम करवाना पड सकता हे जिसे लेबर कॉस्ट  की लागत भी बढ़ जाती हे।

4 -जल्दबाजी में काम करने से एक्सीडेंट के चांस बढ़ जाते हे।

 

उदहारण :-

 

कार्यक्षम उपकरण एयर कम्प्रेस्सर को ध्यान में ले तो उसका उपयोग प्लांट में कही ऐसे इक्विपमेंट्स और कण्ट्रोल वाल्व रहते हे जिस को एयर प्रेशर से ऑपरेट करने के लिए होता हे। समज लो की एयर बनाने वाला कम्प्रेस्सर के आयल की लाइन फट गयी आयल लीकेज होके कम्प्रेस्सर बंध हो गया।

इसे एयर की सप्लाई भी बंध हो जाएगी और एयर प्रेशर पे काम करने वाले उपकरण भी बंध हो जायेंगे।

कम्प्रेस्सर का इसी तरह बंध होने को कहते हे ब्रेक डाउन और उसको रिपेयर करने के काम को बोला जाता हे ब्रेकडाउन मैंटेनैंस।

 

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 Types of Maintenance in Hindi के इस आर्टिकल में हमने Maintenance क्या हे ? मेंटेनेंस के प्रकार कोनसे हे ? जैसे की Preventive, Predictive,Corrective और Breakdown Maintenance जैसे सभी विषय पर अपनी जानकारी साजा करने की कोशिश की हे। यदि इस विषय से संबधित कोई सवाल हे तो आप कमेंट बॉक्स में लिख सकते हो।

 

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