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Wed. Mar 3rd, 2021

    स्टार डेल्टा स्टार्टर

    Star Delta starter in Hindi के इस Article मे स्टार डेल्टा कनेक्शन, Star Delta Formula, स्टार डेल्टा स्टार्टर का सिद्धांत, पावर डायग्राम, कन्ट्रोल डायग्राम, स्टार डेल्टा स्टार्टर के लाभ एवम नुकशान और स्टार डेल्टा स्टार्टर से संबधित इंटरव्यू में पूछे जाने वाले सवाल पे भी विस्तृत में जानकारी देने की कोशिश की हे। आशा हे आप के लिए मददगार होगी।


     

    Star and Delta Connection

     

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    3 Phase Winding Connection Star and Delta

     

    स्टार डेल्टा स्टार्टर-Star Delta Starter

     

    Star Delta Starter मोटर को सलामती पूर्वक चालू करने के लिए, मोटर का रक्षण करने के लिए एवम मोटर का स्टार्टिंग करंट कम करने के लिए उपयोग किया जाता हे।

    मोटर को स्टार्ट करने के लिए और भी कही टाइप के स्टार्टर हे। जैसे की डायरेक्ट ऑन लाइन स्टार्टर, स्टार डेल्टा स्टार्टर, ऑटो ट्रांसफार्मर स्टार्टर, सॉफ्ट स्टार्टर, vfd (Variable Frequency Drive) और रोटर रेजिस्टेंस स्टार्टर, जो मोटर को सलामती पूर्वक चालू भी करते हे,और सुरक्षा भी प्रदान करते हे।

     

    What is Star delta starter ?

     

    एक स्टार्टर का काम हे स्टार्ट करना। यहां एक इलेक्ट्रिक मोटर स्टार्टर की बात हे। स्टार डेल्टा स्टार्टर याने, एक इलेक्ट्रिकल उपकरण जो कही उपकरणों को एकत्रित करके तैयार किया जाता हे। जिससे मोटर को चला ने के लिए स्टार और डेल्टा दोनों का उपयोग होता हे।

     

    मोटर जब स्टार्ट होती हे, तब स्टार कनेक्शन से कनेक्ट होती हे। और जब मोटर अपने rpm की 80% पे आ जाती हे तब स्टार से डेल्टा में शिफ्ट हो जाती हे। या ने पहले मोटर स्टार्ट में चलती हे। और रनिंग कंडीशन में डेल्टा में चलती हे। इसीलिए इनको स्टार डेल्टा स्टार्टर कहते हे। जिसका मुख्य काम मोटर का स्टार्टिंग करंट कम करना और मोटर को सलामती पूर्वक चलाने का हे।

     

    Star Delta Motor Connection

     

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    Motor connection with Star Delta Starter

     

    Electrical Protection Relay- Interview Questions

     

    Star Delta Starter Working Principle 

     

    मोटर के वाइंडिंग को शरुआत में स्टार में कनेक्ट किया जाता हे। स्टार का वोल्टेज लेवल लाइन वोल्टेज के सामने √3 होता हे। यहां मोटर को स्टार में कनेक्ट किया जाता हे। पहले समज ले की थ्री फेज मोटर में तीन वाइंडिंग रहती हे।

    तीन वाइंडिंग के छ (6) लीड निकलती हे। छ लीड में से तीन को एक साथ कनेक्ट कर दिया जाता हे। ये स्टार हम मोटर पे नहीं पर कंटक्टर पे बनाते हे जिसे स्टार कंटक्टर कहते हे।

    मोटर स्टार में कनेक्ट होने से मोटर को दिया जाने वाला वोल्टेज दो वाइंडिंग में डिस्ट्रीब्यूट हो जाता हे। यदि 3 फेज 433 लाइन वाल्ट हे, तो स्टार कनेक्शन में √3 के हिसाब से 230 वाल्ट ही मिलेंगे।

    सिंपल तरीके से समजे तो डेल्टा में जहा एक वाइंडिंग को 433 वाल्ट मिलते हे वहा स्टार में एक वाइंडिंग को 230 volt मिलते हे। इसीलिए स्टार्टिंग करंट जो हे वो कम हो जाता हे। और मोटर आसानीसे रनिंग कंडीशन में आ जाती हे।

    स्टार डेल्टा स्टार्टर का उपयोग करने के मुख्य लाभ यही हे की इसे स्टार्टिंग करंट कम हो जाता हे। इसीलिए लाइन में वोल्टेज ड्राप का प्रॉब्लम DOL स्टार्टर की तुलना में कम होता हे।

    सिंपल तरीके से समजे तो डेल्टा में जहा एक वाइंडिंग को 433 वाल्ट मिलते हे वहा स्टार में एक वाइंडिंग को 230 volt मिलते हे। इसीलिए स्टार्टिंग  करंट जो हे वो कम हो जाता हे। और मोटर आसानीसे रनिंग कंडीशन में आ जाती हे।

    Star Delta Formula and Star Delta Connection

     

     

     Star Delta Starter Power Diagram  

     

     

    मोटर को जब स्टार्ट किया जाता हे, तब सबसे पहले स्टार कंटक्टर PIC UP होता हे। उसके तुरंत बाद Main कंटक्टर Energize होता हे। और लास्ट में जब मोटर 80% स्पीड पे आ जाती हे,तब डेल्टा कंटक्टर लाइन में आता हे।

     

    यादरखे – टाइमर का सेटिंग ऐसे करे की मोटर की 80% स्पीड होने के बाद ही स्टार से डेल्टा में गिराए।

     

    याने मोटर जब स्टार्ट होती हे तब स्टार और Main कंटक्टर Energize होते हे। और रनिंग परिस्थिति में  main और डेल्टा कंटक्टर लाइन में रहते हे।

    इसके बाद रहता हे ओवर लोड रिले जो मोटर को सुरक्षा प्रदान करता हे। और लास्ट में पावर सप्लाई मोटर को मिलता हे। जिसे मोटर स्टार्ट होती हे।

    मोटर के लिए Main स्विच, पावर कंटक्टर, रिले और केबल का सिलेक्शन मोटर की कैपेसिटी पे आधार रखती हे।

     

    Air  Circuit  Breaker

     Vacuum Circuit Breaker

     Types of Maintenance

     

    Star Delta Control Diagram 

     

    कन्ट्रोल सप्लाई main स्विच के आउट पूत से ही लिया जाता हे। नॉर्मली 230 vac और 110 vac होता हे। कन्ट्रोल पावर ऑपरेशन के लिए mcb या फ्यूज रहता हे। फ्यूज के बाद रिले का ‘NC’ कोन्टक्ट रहता हे। जो किसी भी असाधारण परिस्थितिमे ये कांटेक्ट ‘NO’ हो जाता हे। और मोटर को सुरक्षा प्रदान करता हे।

    रिले के कोन्टक्ट के बाद  Emergency  स्टॉप का ‘NC’ रहता हे। जहासे मोटर को बंध कर सकते हे। इसके बाद रहता हे स्टार्ट जो मोटर को स्टार्ट करने के लिए उपयोग किया जाता हे।

     

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    Control Wiring of Star Delta Starter in Hindi

     

    Star Delta Starter के कन्ट्रोल सर्किट में मुख्य रोल हे टाइमर का।

    टाइमर का काम स्टार से डेल्टा में चेंज ओवर करना हे। जो हम टाइम सेट करते हे उस हिसाब से टाइम स्टार से डेल्टा में चेंज होता हे।

    Main स्टार और डेल्टा कंटक्टर इंटरलॉकिंग से कन्ट्रोल होता हे। जब एक Energize होगा तो दूसरा D’energize ही रहेगा।

     

    Electrical Basic- इलेक्ट्रिकल की पूरी जानकारी

    Electrical interview questions Transformer 

    SF6 Circuit Breaker

     

     

    स्टार डेल्टा स्टार्टर(S/D) Advantage – लाभ 

     

    1 – DOL स्टार्टर की तुलना में स्टार्टिंग करंट कम लेता हे।

    2 – वोल्टेज कन्ट्रोल करने वाले दूसरे स्टार्टर से कीमत में सस्ता हे।

    3 – मोटर का स्टार्टिंग करंट 2 से 3 गुना ही रहता हे।

    4 – संचालन करना और मेंटेनेंस करना आसान हे।

    5 – फाल्ट को ढूंढना आसान हे।

     

    स्टार डेल्टा स्टार्टर Disadvantage – गेरलाभ 

     

    1 – मोटर को चलाने के लिए दो पावर केबल की जरूरत पड़ती हे।

    2 – स्टार्टिंग टॉर्क DOL स्टार्टर की तुलना में कम हे।

    3 – तीन पावर कंटक्टर का उपयोग करना पड़ता हे। जो DOL की तुलना में मेहगा रहता हे।

    4 – पावर और कन्ट्रोल सर्किट DOL स्टार्टर की तुलना में थोड़ा जटिल रहता हे।

    5 – DOL स्टार्टर की तुलना में कन्ट्रोल सर्किट जटिल होने की बजेसे फाल्ट ढूंढने में मुश्केली होती हे।

     

    Electrical Interview Question -for Star Delta Starter in Hindi


     

    Q1  – स्टार डेल्टा स्टार्टर का पावर एंड कन्ट्रोल डायग्राम ?

    Ans  – उपर आकृति में पावर और कन्ट्रोल डायग्राम दिखाया गया हे। उसे अच्छी तरह समज लेना चाहिए,और उसको ड्रॉइंग करने की तैयारी के साथ इंटरव्यू में जाना चाहिए।

     

    Q2 – स्टार डेल्टा स्टार्टर में सबसे पहले कोनसा कॉन्टैक्टर Energize होता हे।  क्यू ?

    Ans – सबसे पहला कॉन्टैक्टर स्टार Energize होता हे। क्युकी स्टार लिंक पहले कनेक्ट हो जाये। इसके बाद main कॉन्टैक्टर से पावर सप्लाई मिल जाता हे।

     

    Q3 –  Star Delta में टाइमर कितनी सेकंड पे सेट किया जाता हे ?

    Ans – मोटर की स्पीड 80% हो जाये उस वक्त मोटर स्टार से डेल्टा में चेंज होनी  चाहिए। ये उपकरण की एप्लीकेशन पे आधार रखता हे।

    पंप में उपयोग में होने वाले मोटर ब्लोअर के लिए यूज़ होने वाले मोटर से जल्दी स्पीड पकड़ती हे। इसीलिए पंप के स्टार्टर में टाइम कम रहेगा और ब्लोअर में ज्यादा रहेगा।

     

    Q4 – मोटर को स्टार डेल्टा के बदले DOL में चलाएंगे तो क्या होगा ?

    Ans – DOL स्टार्टर में स्टार्टिंग करंट 5 से 7 गुना हो जाता हे। स्टार डेल्टा स्टार्टर का उपयोग मोटर का स्टार्टिंग करंट कम करने के लिए होता हे। यदि उसको DOL में चलाएंगे तो स्टार्टिंग करंट कम नहीं होगा। करंट की स्टार्टिंग किक ज्यादा जाने से लाइन में वोल्टेज ड्राप हो सकता हे। जिसे दूसरे उपकरण को भी असर हो सकती हे।

     

    Q5 – 15 hp के लिए स्टार डेल्टा स्टार्टर कैसे बनाएंगे ?(यहां पे 15hp की जगह कोई भी फिगर हो सकती हे )

    Ans – कोई भी स्टार्टर बनाने से पहले हमें मोटर की कैपेसिटी चेक करनी चाहिए। उसका फुल लोड करंट देख लेना चाहिए। मोटर के FLC के आधार पे ही स्विच गियर का सिलेक्शन होता हे। यहां पे 15hp की मोटर के लिए स्टार्टर बनाना हे। 

    15 hp की मोटर का FLC 21 Ampere रहता हे। उसका main switch 40 amp, 16 ka का होना चाहिए।

    उसके कॉन्टैक्टर 32 amp के होने चाहिए।  रिले की रेंज 10 to 16 ampere की होनी चाहिए।

    केबल की साइज 3C*4sq mm.cu के दो केबल कनेक्ट होंगे। 

    उसके बाद आकृति दिखाया हे उस तरह पावर और कन्ट्रोल वायरिंग  करेंगे तो 15 hp की मोटर के लिए स्टॉर्ट डेल्टा स्टार्टर तैयार हो जायेगा।

     

    Star Delta Starter इलेक्ट्रिकल मोटर को चलाने के लिए उपयोग होने वाले स्टार्टरो में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला स्टार्टर हे। इलेक्ट्रिकल फील्ड में इस स्टार्टर की अहमियत काफी हे। इस आर्टिकल में स्टार डेल्टा स्टार्टर से रिलेटेड जानकारी देने की कोशिश की हे। फिर भी यदि कोई इससे सम्बंधित सवाल हे तो आप कमेन्ट बॉक्स में लिख सकते हो।

    14 thoughts on “Star Delta Starter In Hindi – स्टार डेल्टा स्टार्टर”
    1. सर.. आपने तो स्टार डेल्टा स्टाटर की पुरि phd करा दी ….

    2. सर मेरे 10 hp की टेक्समो इंडक्शन मोटर है जो जल गई फिर रेविंडिंग कारवाई अब वो पहले से कम लोड ले रही है। मैंने केवल केबल चेंज कारवाई 6 mm की तीन तार वाली दो केबल लगवाई है। पहले जो काम वो 1 घंटे में करती थी अब 1घंटा 20 मिनट लगा रही है। क्या तार उल्टे लगने की वजह से पहले डेल्टा में स्टार्ट हो रही है फिर स्टार में चल रही ऐसा हो सकता है या रेविंडिग के समय कम तार डाल दिए हो इस वजह से ऐसा हो रहा है। मिस्त्री ने बताया कि मैंने 8 kg से उपर तार डाले है। कृपया मार्गदर्शन करे pliz

      1. सत्यनारायण जी आपका नाम लेने में अच्छा लगता है। जी पहले से लोड भी कम ले रही है और समय भी ज्यादा लग रहा है। मतलब Rewinding 10 HP की मोटर को चाहिए इस तरह नहीं हुआ है। वहा मोटर की कैपेसिटी कम हो गयी। जिसके कारन लोड भी कम ले रहा है और समय भी ज्यादा लग रहा है। प्रॉब्लम रेविंडिंग का है।

      1. Mandeep dear i don’t have any idia about app. but i will think about.
        Any questions Regarding starter you can ask me.

    3. Sir मेरे 10 hp की मोटर h मिल bron ka starter h जो चल नहीं रहा डीपी से b तीनों तारो में करंट आ रहा है स्टार्टर बोल b नहीं रहा बताइए सर अब क्या करे

      1. गणेश जी मोटर स्टार्ट न होने के काफी कारण है. स्टार्टर का कण्ट्रोल सप्लाई चेक करिये। यदि कंटक्टर को कण्ट्रोल सप्लाई नहीं मिलेगी तो स्टार्ट नहीं होगा। या कंटक्टर का कोइल चेक कराईये। यदि स्टार्टर ऑपरेट होता है और मोटर नहीं चल रही तो फिर मोटर चेक कराईये।

    4. Sir mujhe ek daut hai star delta starter connection me ye jaruri hai kya ki motor ki winding U1 V1 W1 ko.main contactor ka hi supply dena hai samjho main contactor ka supply U2 V2 W2 ko.diya to kya hoga motor run karega ya nahi ya kuchh problem hoga

    5. सर १५hpका सबमर्सिबल मोटर रिवाईंडिग करने के बाद डेल्टामे ४०A.करंट ले रहाहै और वोल्टेज मी २८०vतक ड्रऑप होता है पानी का प्रेशर मी कमी है क्या कारण हो सकता हैऐ

      1. Manoj
        ek to rewinding ki hai vo galat ho sakti hai,
        motor ke sath pump ka bhag hai use bhi open karke dekho vaha, matti jami hui ho sakti hai .
        star delta ka connection bhi galat ho sakta hai .
        ye tin check karo problem mil jayega.

      1. Manish,
        ye bahut ashan hai per auto me kaha se chalana hai, SCADA se ya process ke koi parameter se command lena hai ye batana padega.

        am tor pe feeder pe auto manual selector switch hota hai, jise auto me karke PLC Scada se command deke chalu karte hai.

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