Mechanical Fitter interview questions in Hindi

Mechanical Fitter interview Questions in Hindi के इस आर्टिकल में mechanical शाखा से सम्बंधित बेल्ट,गियर और बेअरिंग से रिलेटेड mechanical interview में पूछे जाने वाले questions और answer की सूचि तैयार की हे.

आशा हे ये आपके लिए हेल्पफुल होगी। इसके अतिरिक्त Mechanical Engineering interview questions और mechanical interview questions जैसे आर्टिकल की लिंक साजा की हे आप उसमे भी इंटरव्यू से संबधित सवाल पढ़ सकते हो।


Mechanical Fitter interview questions in Hindi

Mechanical Fitter Interview Questions in Hindi

 for Belt, Gear and Bearing

 

Question 1- बेल्ट ड्राइव का क्या मतलब है ?                                                   

Answer 1 – जब शक्ति को चालक पुली  से संचालित पुली  द्वारा बेल्ट के माध्यम से चलाया जाता है, तो इसे बेल्ट ड्राइव के रूप में जाना जाता है। ओपन बेल्ट ड्राइव में दोनों पुली एक ही दिशा में चलते हैं। जबकि क्रॉस बेल्ट ड्राइव में दोनों पुली एक दूसरे के विपरीत दिशा में चलती हैं।

 

Question 2 -बेल्ट कोनसे मटेरियल से बनाया जाता हे ?

Answer 2 – आमतौर पे बेल्ट कैनवास, रबर, चमड़ा और स्टील में बनाया जाता हे।

 

Question 3 – बेल्ट के फिसलने के कारण क्या हैं ?                                           

Answer 3 –

बेल्ट लूज़ हे, सही तरीके से फिट न किया हो।

बेल्ट ड्राइव पे ओवरलोडिंग हो रहा हो।

पुली का इस्तेमाल सही तरीके से ना किया हो।

 

Question 4 – बेल्ट का चयन करते समय किन बिंदुओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए ?   

Answer 4 – बेल्ट के चयन करते वक्त निम्न लिखित बिंदुओ पे ध्यान दिया जाता हे।

मशीन का लोड

ऑपरेशन एरिया का वातावरण।

मशीन की स्पीड

मशीन की कैपेसिटी

 

Mechanical Engineering interview questions

 

Question 5 – जॉकी पुली का उपयोग क्यों किया जाता हैं ?                                 

Answer 5 – जॉकी पुली का उपयोग बेल्ट और पुली के बीच संपर्क क्षेत्र को बढ़ाने के लिए किया जाता है और तनाव देने के लिए और बेल्ट को दबाने के लिए भी उपयोग किया जाता है।

 

Question 6 – बेल्ट ड्राइव में crowning किसे कहते हे ?

Answer 6 – पुली के रिम की बहार की जो सरफेस होती हे उसे कॉन्वेक्स फॉर्म में बनाया जाता हे। क्युकी जब मशीन रनिंग कंडीशन में हो तब वो बेल्ट को बीचमे रख सके। इसे crowning कहते हे।

 

Question 7 – बेल्ट ड्राइव में ड्रेसिंग का मतलब क्या है ?                                     

Answer 7 – स्लिप या रेंगने से बचने के लिए, बेल्ट तनाव को बढ़ाने के लिए पुली और बेल्ट की बाहरी सतह के बीच में resin पाउडर या पेस्ट डाला जाता है। जिसे ड्रेसिंग कहा जाता है। जो बहुत नार्मल प्रक्रिया हे, और काफी मददगार भी होती हे।

 

Question 8 – बेल्ट ड्राइव में क्रीप और स्लिप का मतलब क्या होया हे ?                   

Answer 8 – पुली के रिम और आउटर सरफेस पे बेल्ट की जो गति होती हे जो मूवमेंट होती हे उसे बेल्ट ड्राइव में रेंगना (Creep) कहा जाता हे।

यदि बेल्ट को पुली पे लूज़ छोड़ा जाए सही तरीके से टाइट न किया जाए तो वो स्लिप हो जाता हे, फिसल जाता हे। इसे बेल्ट ड्राइव में स्लिप कहा जाता हे।

 

Question 9 –  बेल्ट ड्राइव के नियम क्या हैं ?                                                             

Answer – 9

दो पुली के बीच की दूरी बड़े पुली के व्यास से तीन गुना से कम नहीं होनी चाहिए। याने अंतर तीन गुना से ज्यादा होना चाहिए।

बेल्ट की दल साइड ऊपर होनी चाहिए क्युकी आर्क के कॉन्टेक्ट को बढ़ा सकता हे।

दोनों पल्स के डायमीटर का रेशियो 6:1 से अधिक नहीं होना चाहिए।

यदि जरुरत हो तो स्लिप कम करने के लिए एक Jockey का इस्तेमाल करना चाहिए।

 

Mechanical Interview Questions- I C Engine

 

Question 10 – V  Belt के फायदे और नुकसान क्या हैं ?                                 

Answer 10 – V-belt का मुख्य लाभ यह है कि इसमें ज्यादा gripping पावर हे। एक बार अच्छी तरह से टाइट किया जाये तो आमतौर पे कोई प्रॉब्लम नहीं होता। बहुत ही कम जगह लेता हे और आयुष्य भी लंबा होता हे।

नुकसान यह है कि यह ज्यादा लंबी दूरी और क्रॉस बेल्ट ड्राइव के लिए ये फिट नहीं होता है।

 

Question 11 – गियर के कार्य क्या हैं ?                                                         

Answer 11 –   

स्पीड चेंज करने के लिए ।

विमान की डायरेक्शन बदलने के लिए ।

रोटेशन बदल ने के लिए।

पावर ट्रांसमिट करने के लिए

सकारात्मक ड्राइव देने के लिए।

 

Question 12 – Spur गियर क्या है ?

Answer 12 – यह एक सामान्य प्रकार का गियर है जिसमें सीधे टूथ होते हैं। इसका उपयोग समानांतर शाफ्ट पर गति को प्रसारित करने के लिए किया जाता है। और आमतौर पे गति को ट्रांसमिट करने के सभी सामान्य उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाता है।

 

Question 13 – गियर में Addendum और Dedendum क्या हे ?

Answer 13 – गियर में पिच सर्कल और टूथ के टॉप के बिच का जो अंतर हे उसे Addendum कहा जाता हे।

गियर टूथ के पिच सर्कल और जड़ (root- जहां से शरू होता हे) ये दो के बिच के अंतर को Dedendum कहा जाता हे।

 

Job Mechanical Fitter Interview Questions in Hindi

 

Question 14 – Chordal  थिकनेस क्या हे ?

Answer 14 – यह पिच सर्कल के साथ टूथ से टूथ की सीधी रेखा में जो दूरी होती हे उसे chordal थिकनेस कहा जाता हे।

 

Question 15 –  गियर में मॉड्यूल क्या है ?

Answer 15 – गियर में पिच व्यास और गियर के दांतों की संख्या के बीच का जो रेशियो है उसे मॉड्यूल कहते हे।

 

Question 16 –  गियर में  पिच का व्यास  किसे कहते हे ?                                 

 Answer 16 –  पिच का व्यास एक गियर के दांतों की टोटल संख्या और पिच सर्कल का व्यास के बीच का रेशियो है।

 

Question 17 – विमान में कोनसा गियर का इस्तेमाल होता हे ?                           

Answer 17 – विमान में स्पर गियर,हेलिकल गियर,इंटरनल गियर और हेरिंगबोन गियर का इस्तेमाल होता हे।

 

Question 18 – हेरिंगबोन गियर्स और हेलिकल गियर्स में क्या अंतर हे ?                   

Answer 18 –                                                                                           

हेरिंगबोन गियर्स। डबल हेलिकल गियर को हेरिंगबोन गियर के रूप में जाना जाता है। इन गियर्स में झुकाव की स्थिति में सेंटर से एक्सिस तक दोनों तरफ दांत होते हैं। इस प्रकार के गियर का उपयोग उच्च गति पर स्पीड ट्रांसमिट करने के लिए किया जाता है। ये गियर में किसी भी तरह का आवाज उत्पन्न नहीं होता हे।

हेलिकल गियर्स। इस प्रकार के गियर में एक झुकाव वाली स्थिति में सिंगल चैन होती है। बिना हील गियर्स का उपयोग किये उच्च गति पर स्पीड को संचारित करने के लिए किया जाता है। हेरिंगबोन गियर की तुलना में आवाज ज्यादा होता हे।

 

Question 19 – बेवल गियर कैसे काम करता  हे ?                                           

Answer 19 – इन गियर में Intersecting एक्सिस होता है। बेवेल गियर का उपयोग जो समान्तर नहीं होते उस शाफ्ट को जोड़ने के लिए किया जाता है। जब उनकी एक्सिस एक एंगल पर मिलती है तब सीधे, हेलिकल और स्पाइरल दांतों के साथ मिलती है।

 

Types of Maintenance in Hindi

 

Question 20 – रैक और पिनियन क्या है ?                                                     

Answer 20 – रैक एक सपाट पट्टी है जिसमें सीरीज में सीधे दांत होते हैं। यह एक पिनियन के साथ मेष होता है। जिसमें स्पर गियर की तरह सीधे दांत होते हैं। इस प्रकार के गियर का उपयोग लेथ मशीन और मिलिंग मशीन में किया जाता है।

 

Question 21 – Friction और Anti-friction बेअरिंग का मतलब क्या है ?           

Answer 21 – 

फ्रिक्शन बेअरिंग – इस प्रकार के बेअरिंग उस शाफ्ट से सीधे संपर्क में आती हे जैसे बुश बेअरिंग और जॉर्नल बेअरिंग संपर्क में आती हे। ये बियरिंग आमतौर पर कास्ट आयरन,पीतल और गन मेटल से बने होते हैं।

एंटी फ्रिक्शन बेअरिंग – इस प्रकार की बेअरिंग में रोलिंग एलिमेंट होती हे जैसे की बॉल बेअरिंग, रोलर बेअरिंग आदि होते हैं।

 

Question 22 – बेअरिंग का मुख्य काम क्या है ?                                             

Answer 22 – 

बेअरिंग शाफ़्ट को गाइड करता हे।

शाफ़्ट को सपोर्ट करता हे।

शाफ़्ट को फ्री गुमाने में मदद करता हे।

 

Question 23 – बॉल और रोलर बेअरिंग कहा इस्तेमाल होता हे ?                         

Answer 23 – बॉल बेयरिंग का उपयोग आमतौर पर लाइट लोड के साथ जहा ज्यादा गति की जरुरत हो वहा किया जाता हे। क्योंकि बॉल बेअरिंग में पॉइंट कांटेक्ट होता हे जहा से स्पीड तो मिलती हे पर रोलर बेअरिंग की तुलना में लोड कम लेता हे। 

रोलर बेअरिंग का उपयोग आमतौर पर हैवी लोड के साथ ज्यादा गति की जरुरत होती हे वहा किया जाता हे। इसमें शाफ़्ट का कांटेक्ट लाइन से होता हे इसीलिए इसकी लोड के साथ स्पीड में चलने की क्षमता अच्छी हे। 

 

Job interview questions for mechanical Engineer

 

Question 24 – Tapper रोलर बेअरिंग का इस्तेमाल कहा होता हे ?                     

Answer 24 –टेपर रोलर बेअरिंग में रोलर तो होते हे, पर ये टेपर में होते हे। रोलर बेअरिंग की तरह प्लेन रोलर नहीं होते। और इसकी खासियत हे की ये हैवी लोड में इस्तेमाल की जाती हे।

 

Question 25 – वाइट मेटल बेअरिंग का इस्तेमाल कहा होता हे ?

Answer 25 – वाइट मेटल बेअरिंग का इस्तेमाल जहा ज्यादा स्पीड की जरुरत हो और कम लोड हो उसी जगह पे किया जाता हे। वाइट मेटल बेअरिंग की खासियत हे की ये हीट भी कंट्रोल करती हे।

 

Question 26 – Anti-friction बेअरिंग ओवर हीटिंग के क्या कारण हो सकते हे ?

Answer 26 – बेरिंग हीटिंग होने के main कारण हे …

बेअरिंग में लुब्रिकेशन सही तरीके से न हुआ हो।

लोड ज्यादा हो, बेअरिंग ओवर लोडिंग हो रहा हो।

Alignment सही तरीके के न हो, मशीन Unbalance हो।

बेअरिंग की स्थिति अच्छी न हो।

 

  Basic Mechanical Engineering Interview Questions

 

Question 27 – बुश बेअरिंग और बॉल बेअरिंग में क्या अंतर हे ?                           

Answer 27 – 

बुश बेअरिंग – ये प्लेन सिलिंड्रिकल बेअरिंग हे जिसे ब्रास,गन मेटल एवं कास्ट आयरन में से बनाया जाता हे। ये आमतौर पे कम लोड और कम स्पीड वाले मशीन के लिए इस्तेमाल होता हे।

बॉल बेअरिंग – इसमें आंतरिक सरफेस,बाहरी सरफेस और स्टिल के बॉल एंड केज होते हे। इनर और आउटर सरफेस के बिच में ट्रैक पे बॉल घूमता हे।

बेअरिंग शाफ़्ट के साथ कनेक्ट होती हे जबकि आउटर साइड हाउसिंग में फिट होती हे। बॉल में पॉइंट कांटेक्ट रहता हे जहा फ्रिक्शन होके बॉल घूमता। बुश बेअरिंग की तुलना में ये ज्यादा लोड और ज्यादा स्पीड के लिए इस्तेमाल होता हे।

 

Question 28 – बेल्ट और बेल्ट ड्राइव के प्रकार 

Answer 28 –

Types of Belt Types of Belt Drive
V- Belt Open Belt Drive
Flat Belt Cross Belt Drive
Circular Belt Fast and Loose Pullys
  Stepped cone Pully
  Jokkey Pully Drive

 

Question 28 – फ्रिक्शन बेअरिंग के सामने एंटी फ्रिक्शन बेअरिंग के लाभ क्या है ?   

Answer 28 – 

एंटी फ्रिक्शन बेअरिंग आसानीसे सेट उप हो जाती हे।

मशीन की रनिंग एंटी फ्रिक्शन बेअरिंग में स्मूथ रहती हे।

इलेक्ट्रिसिटी की बचत होती हे।

Wear और tear कम होता हे।

फ्रिक्शन बेअरिंग स्लो एंड हाई स्पीड में लाइट एवं हैवी लोड में इस्तेमाल की जाती हे ।

 

Question 29 – Journal बेअरिंग क्या हे और कहा इस्तेमाल होता हे ?

Answer 29 – ये एक स्प्लिट बेअरिंग हे जो दो हिस्सों में होती हे। इसे ब्रास एवं गन मेटल से बनाया जाता हे। इस बेअरिंग के लिए आउटर साइड में दोनों तरफ कॉलर होते हे। जो कास्ट आयरन से बनाया जाता हे और ये हाउसिंग में फिट होते हे। Journal बेअरिंग जहा ज्यादा सपोर्टिंग प्रेशर की जरुरत हो वहा, शाफ़्ट axis पे राइट एंगल पे इस्तेमाल होती हे।

 

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