Mager Kya Hai Hindi – IR Value कितनी होनी चाहिए ?

इलेक्ट्रिसिटी में mager का खूब महत्व है। मेगर क्या है ? (Mager kya Hai Hindi) के इस आर्टिकल में हम इसे विस्तार से समझेंगे। जिसमे मेगर  के प्रकार ? mager किस तरह काम करता है ? मेगर का प्रकार एवं कहा उपयोग किया जाता है। इसमें विस्तृत से समझाया गया है।

मेगर क्या है ? Mager in Hindi

मेगर एक इलेक्ट्रिक उपकरण है। एलेट्रीसिटी पसार होने वाले कंडक्टर के साथ इंसुलेशन का प्रतिरोध कितना है ? यह माप ने के लिए मेगर का इस्तेमाल होता है। इसे इंसुलेशन रेजिस्टेंस टेस्टर भी कहा जाता है।

कोई भी इलेक्ट्रिक उपकरण, कोई भी इलेक्ट्रिक सर्किट की स्वस्थता (Healthyness) चेक करनी पड़ती है। इसके अलग-अलग पैरामीटर में एक पैरामीटर इंसुलेशन रेजिस्टेंस है। जिसे चेक करना भी अति आवश्यक है। ये इंसुलेशन रेजिस्टेंस ( I R Value ) माप ने के लिए मेगर का इस्तेमाल किया जाता है।

mager वोल्टेज जनरेटर है। यह DC वोल्टा जनरेट करता है। इसकी रेंज अलग – अलग हो सकती है। जैसे की 500 वाल्ट, 1000 वाल्ट, 2500 वाल्ट, 5000 वाल्ट यह हमारी जरूरियात पे आधार रखता है।

Mager Kya Hai Hindi

Mager kya Hai Hindi

 

Types Of Mager – मेगर के प्रकार

मेगर दो प्रकार के होते है। दोनों का काम और कार्यपद्धति एक जैसी है।

1 – मैन्युअल हैंड ड्रिवन मेगर

इस प्रकार के mager की खोज कही सालो पहले हुई थी। इसमें एनालॉग डिजिट होती है। डिजिट के साथ एक पॉइंटर होता है जो हमें इंसुलेशन रेजिस्टेंस की वैल्यू बताता है। इस प्रकार के मेगर में हैंडल रहता है। इस हैंडल को हमें मैन्युअली हाथ से गुमाना पड़ता है।

160 rpm पे हम हैंडल घुमाते है,तब हमें mager के रेटिंग के अनुसार वोल्टेज मिलते है।

उदहारण के तोर पे …….
यदि मेगर 500 वाल्ट का है और हम हैंडल को 100 आरपीएम गुमायेंगे तो हमें आउटपुट 500 वाल्ट नहीं मिलेगा। यदि हमें आउटपुट 500 वाल्ट DC चाहिए तो हमें 160 आरपीएम हैंडल को गुमाना पड़ेगा।

इस प्रकार के मेगर में दो टर्मिनल और दो लीड रहती है। I R Value चेक करने के लिए ,एक लाइन और एक अर्थ के साथ कनेक्ट किया जाता है।

2 – Battery Operated Mager

ये मेगर नयी खोज है। और इस्तेमाल करने में आसान है। इसमें हमें IR Value डिजिटल अंको में प्राप्त होती है। इस प्रकार के Mager में हैंडल नहीं होता इसीलिए हमें इसे हाथ से गुमाने की जरुरत नहीं पड़ती।

बैटरी ऑपरेटेड मेगर में एक स्विच रहती है। जिसे हमें प्रेस करता रहता है। लाइन और अर्थ के दो टर्मिनल होते है। जिसे उपकरण की बॉडी और लाइन वायर के साथ जोड़ा जाता है।
इस प्रकार के मेगर में भी अलग – अलग रेंज में मिलता है। हम अपनी जरूरियात के मुताबिक पसंद कर सकते है।

 

मेगर से क्या चेक कर सकते है ? Megar Test

mager का उपयोग खास कर इंसुलेशन रेजिस्टेंस के लिए किया जाता है। पर हम इससे वाइंडिंग की स्थिति भी जान सकते है।

1 – इंसुलेशन रेजिस्टेंस टेस्ट – IR Value

किसी भी उपकरण में इलेक्ट्रिसिटी वहन करने के लिए कंडक्टर का इस्तेमाल होता है। पर इलेक्ट्रिसिटी बहेतरीन से साथ खतरनाख भी है। यदि सही नियमो के साथ इसका इस्तेमाल न किया जाये तो ये खतरनाख साबित हो सकती है।

IR Value कंडक्टर और उपकरण के बिच का प्रतिरोध है। या कंडक्टर और उसपे लगा इंसुलेशन के बिच का प्रतिरोध है। ये मेगा ओम में measure किया जाता है। उपकरण का लाइन वायर कंडक्टर के साथ जोड़ा जाता है। और अर्थ को उपकरण की बॉडी के साथ जोड़ा जाता है। इसके बाद जो वैल्यू हमें मिलती है वह I R (Insulation Resistance) Value कहा जाता है।

Open Circuit Test – ओपन सर्किट टेस्ट

मेगर का उपयोग ज्यादातर थ्री फेज उपकरणों में किया जाता है। थ्री फेज उपकरणों में इलेक्ट्रिक मोटर ट्रांसफार्मर और जनरेटर जैसे उपकरणों में वाइंडिंग का ओपन सर्किट और शार्ट सर्किट टेस्ट किया जाता है।

ओपन सर्किट टेस्ट में उपकरण के तीनो वाइंडिंग को चेक किया जाता है। तीन वाइंडिंग के ६ लीड होते है। वाइंडिंग ओपन नहीं है ये चेक करना है। एक वाइंडिंग के दोनों लीड के साथ मेगर के दोनों लीड कनेक्ट करना है। और चेक करना है की वाइंडिंग ओपन तो नहीं है ?
एक के बाद एक तीनो वाइंडिंग को इस तरह चेक किया जाता है।

 

शार्ट सर्किट टेस्ट- Short Circuit Test

मेगर से हम उपकरण का शार्ट सर्किट टेस्ट भी कर सकते है। थ्री फेज उपकरण में तीन वाइंडिंग के 6 लीड होती है। ीामे एक वाइंडिंग दूसरे वाइंडिंग के साथ शार्ट नहीं है ये चेक करना होता है।

शार्ट सर्किट टेस्ट में तीनो वाइंडिंग को चेक किया जाता है। जैसे मोटर का एक लीड में मगर के लीड को कनेक्ट करे और दूसरे लीड के साथ चेक करे तो हमें वाइंडिंग ओपन दिखाना चाहिए। याने मेगर का रीडिंग infinitive होना चाहिए। एक वाइंडिंग दूसरे वाइंडिंग के साथ शार्ट नहीं होना चाहिए। इस तरह से तीनो वाइंडिंग को चेक किया जाता है। शार्ट सर्किट वाइंडिंग टेस्ट कहा जाता है।

मेगर वैल्यू याने IR Value हमेशा मेगा ओम MΩ में होती है। मेगर से निकल ने वाले तार को कभी नहीं छूना चाहिए। यहाँ इलेक्ट्रिक शोक लगता है।

 

मेगर वैल्यू (IR Value) कितनी होनी चाहिए ?

ये सवाल काफी इंटरव्यू में पूछा जाता है। मेगर की वैल्यू मेगा ओम में होती है। इसमें किसी भी उपकरण की मेगर वैल्यू ( I R Value ) जितनी ज्यादा हो इतना अच्छा है। जैसे किसी मोटर या ट्रांसफार्मर का इंसुलेशन रेजिस्टेंस इनफिनिटिव होता है तो ये सबसे बेहतर है।

किसी भी उपकरण का इंसुलेशन रेजिस्टेंस की वैल्यू कम होती है, तो ये ठीक नहीं माना जाता। खास कर बारिस के दिनों में मॉइस्चर के कारण उपकरण की IR Value डाउन हो जाती है।

मोटर की IR वैल्यू डाउन होती है, तो इसे इम्प्रूव करने के लिए ओवन में हीटिंग किया जाता है। मॉयस्चर निकल ने के बाद कुछ हद तक इम्प्रूव होता है। या फिर वाइंडिंग पे वार्निश किया जाता है।
IR Value डाउन होने के कारण शार्ट सर्किट या अर्थ फॉल्ट होने के चान्स ज्यादा होते है।

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मगर क्या है ?(Mager kya Hai Hindi) इन आर्टिकल में primary जानकरी दी गयी है । यदि उसे सम्बंधित कोई सवाल हो तो कमेंट बॉक्स में लिखे।

 

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