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Wed. Mar 3rd, 2021

    एलईडी(LED)से सम्बंधित काफी सारे प्रश्न है। जैसे की LED क्या है ? LED कैसे काम करता है ? कितने प्रकार की led होती है ? Led light में कोनसा मटेरियल इस्तेमाल होता है ? ऐसे सभी सवालों का जवाब Led Meaning In Hindi के इस आर्टिकल में मिलेंगे।


     

    Led Meaning In Hindi

     

    LED का बढ़ता हुआ उपयोग हमें गहराई से समझने लिए मजबूर करता है। LED एक अनजान सा शब्द था, जो कुछ समय से हमारे कानो में अलग-अलग एप्लीकेशन के दौरान सुनाई देता है।

    दीपावली में यूज़ होने वाली रंगबेरंगी लाइटिंग सीरीज हो, या घरमे उपयोग किया जाने वाला Led Lamp हो। Led TV हो, घडी हो या रिमोट सब में उपयोग होने वाली Led के बारेमे जानने की हमारी उत्कंठता बढ़ जाती है।

     

    Different Color of Led (Light Emitting Diode)

                                            

                                                     

    एलईडी(Led)एक इंग्लिश शब्द है ये हम जानते है। और शायद फुल फॉर्म भी जानते है। पर उसे गहराई से समझने के लिए हमें Hindi का सहारा लेना पड़ता है। इसीलिए, हम Led Meaning in Hindi सर्च करते है। और हिंदी में इसका अर्थ जानने की कोशिश करते है। में इस आर्टिकल की में led की जानकारी साजा करता हु आशा है ये आपके किये मददगार होगी।

     

    LED का Full Form

    एलईडी का पूरा नाम Light Emitting Diode है।

     

    Led Meaning in Hindi –

     

    Led का पूरा नाम हमने देखा की Light Emitting Diode है। पर यदि हम उसे हिंदी में समजे तो हमारे पास तीन वर्ड है।

     

    1 – Light – जिसका हिंदी अर्थ होता है प्रकाश

    2 – Emitting – जिसका हिंदी अर्थ होता है उत्सर्जक (उत्पन्न करने वाला)

    3 – Diode – ये एक अर्धचालक उपकरण (Semiconductor Device) होता है। जिसके एनोड और कैथोड दो टर्मिनल होते है। और ये करंट को एक ही दिशामे पसार होने देता है।

     

    Led को हम हिंदी में

    प्रकाश उत्सर्जक डायोड कह सकते है।

     

    LED Definition

     

    LED (Light Emitting Diode) ये एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में उपयोग होने वाला एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है। जिसे में करंट पसार होने से प्रकाश उत्पन्न होता है। शरुआती अविष्कार में Led  सिर्फ लाल कलर ही उत्पन्न करती थी।

     

    सतत बढ़ती टेक्नोलॉजी का कमाल है की आज LED हरएक कलर में उपलब्ध है। जैसे की Red, Blue, Green, Yellow एवम white जैसे अलग-अलग रंगो भी उपलब्ध है।

    आज Led बहुत प्रचलित है क्युकी, घरोमे उपयोग होने वाले काफी उपकरणों में led का इस्तेमाल होता है।

     

    What is Led ? -LED क्या है ?

     

    जैसे हमने आगे देखा की LED (लाइट एमिटिंग डायोड) एक सेमीकंडक्टर प्रकाश का स्तोत्र है। उसमे P और N जंक्शन होता है। एनोड और कैथोड को जब पावर सप्लाई दिया जाता है तब, P N जंक्शन के होल एवम इलेक्ट्रोन की प्रक्रिया से प्रकाश उत्पन्न होता है।

     

    सेमीकंडक्टर क्या है ?

    सेमीकंडक्टर (अर्धचालक) याने कंडक्टर भी है और नॉनकंडक्टर भी है। ये एक ऐसी धातु जो की विध्युत प्रवाह पसार होने भी देता है और रोक भी देता है। ऐसी धातु से बना है LED.

    Light Emitting diode(LED) में गैलियम, फास्फोरस एवं आर्सेनिक मटेरियल का उपयोग किया जाता है।

     

    Application of Led

     

    LED Bulb लगभग हरएक के घर में हो गया है।

    Television में LED वाला यूज करते है।

    डिजिटल कंप्यूटर

    घडी में LED का इस्तेमाल होता है।

    Sign Board में led का इस्तेमाल होता है।

    Flash Light में led का उपयोग करते है।

    विमान की लाइट

    स्ट्रीट लाइट में Led यूज होता है।

    LED का उपयोग कार लाइट में होता है।

    बर्गलर अलार्म सिस्टम

    अलग-अलग प्रकार के डेकोरेटिव लाइट में यूज होता है।

    सभी प्रकार के रिमोट में led का इस्तेमाल होता है।

    कैलकुलेटर

    हरएक मोबाइल में Led का उपयोग होता है।

    माइक्रोप्रोसेसर

    मल्टीमीटर

     

    LED के कारण बहुत बड़ा बदलाव एनर्जी सेविंग में देखने को मिला है। पहले शामको बिजली के लिए सब इन्कंडेंसेंट लैंप का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद मर्क्युरी वेपर, सोडियम वेपर एवम CFL का जमाना आया। ये सभी प्रकार के लैंप को पीछे छोड़ आज LED ने सब जगह अपना स्थान बना लिया है।

    इसका मुख्य कारण इससे होने वाली बिजली की खपत है। जो बाकि सभी प्रकार के लैंप के सामने नहींवत है। incondensate लैंप में पहले एलिमेंट गरम होती थी, इसके बाद हमें उसका प्रकाश मिलता था। याने बिजली की 90% खपत एलिमेंट हीटिंग में ही यूज होती थी।

     

    आज led बल्ब में उससे पूरा उल्टा है। led लैंप में बिजली का 90% प्रकाश में रुपांतर होता है। 10% हीटिंग लॉस होता है।

     

     

    LED (Light Emitting Diode) Symbol

     

    आमतौर पे डायोड का सिम्बोल एक एर्रो होता है। एर्रो में त्रिकोण के साथ एक वर्टिकल लाइन होती है। इसका Meaning है की ये करंट को एक तरफ से फ्लो होने देगा और दूसरी तरफ से रोक देगा।

    ठीक ऐसा ही सिम्बोल LED का भी होता है, पर उसमे एरो के उपर की साइड में दो लाइन होती है। जिसे हम निचे के पिक्चर में देख सकते है।

     

                                                                     

    Led Meaning In Hindi

     

    एर्रो के उपर की दो लाइन का Meaning है की ये प्रकाश उत्सजित करता है।

     

     

    Light Emitting Diode (LED) Working

     

    डायोड के बहुत सारे प्रकार है। LED डायोड का ही एक प्रकार है। सभी प्रकार के डायोड का काम अलग-अलग है। कहा कोनसा डायोड का इस्तेमाल करना है ये हमारी जरुरियात पे आधार रखता है।

     

    Light Emitting Diode प्रकाश उत्सर्जक डायोड है। जिसमे से हमें प्रकाश मिलता है। ये कैसे काम काम करता है इसके बारेमे यहाँ विस्तार से समझेंगे।

     

    हरएक डायोड की तरह इसमें भी दो टर्मिनल होते है। जिसे पॉजिटिव(एनोड)और नागतिवे (कैथोड) कहते है। ये फॉरवर्ड बायस्ड पे काम करता है। या ने पॉजिटिव और नेगेटिव का कनेक्शन होने पर करंट को पसार होगा। पसार होने वाली इलेक्ट्रिकल एनर्जी को ऊर्जा में कन्वर्ट करता है।

    Led Meaning In Hindi

                                                                      

     

     

    LED में P और N जक्शन होता है। P टाइप और N टाइप सेमीकंडक्टर को एक साथ मिलाया जाता है तो उसे कहते है P, N जंक्शन डायोड।

     

    P टाइप सेमीकंडक्टर में Trivalent Element impurity के तोर पे मिलाया जाता है। N टाइप में पेंटावेलेंट एलिमेंट इम्पुरिटी के तोर पे मिलाया जाता है।

     

    P साइड में एक होल बनता है, जो एक इलेक्ट्रान स्वीकार करने की क्षमता रखता है।

     

    N टाइप में जो एक्स्ट्रा इलेक्ट्रान है वो P की तरफ गति करते है। जहा होल्स है जो इलेक्ट्रान से भर जाते है। P और N जंक्शन के बीचमे डिप्लेशन लेयर बनता है और एक पोटेंशियल बैरियर बनाता है।

     

    पहले तो ये दोनों जंक्शन चार्ज नहीं होते पर जब P से इलेक्ट्रान N की तरफ आ जाते है तब, N पॉजिटिव चार्ज और P नेगेटिव चार्ज हो जाता है।

     

    जब डायोड को पावर सप्लाई से जोड़ा जाता है तब, P को पॉजिटिव और N नेगेटिव से कनेक्ट किया जाता है। इसमें करंट का फ्लो P से N तरफ का होगा जबकि इलेक्ट्रॉन का फ्लो करंट की विपरीत दिशामे होगा।

     

    P N जंक्शन में इलेक्ट्रान और होल्स की रेकॉम्बिनेशन होती है। रेकॉम्बिनेशन की बजह से जो एनर्जी रिलीज़ होती है वो ही हमें प्रकाश के रुप में मिल रही है। याने रेकॉम्बिनेशन प्रक्रिया के दौरान रीलीज़ होने वाली एनर्जी के कारण लाइट एमिट होती है।

     

    फोर्बिडन एनर्जी का गैप बड़ा तो ज्यादा एनर्जी का लाइट उत्सर्जित करेगा। फोर्बिडन एनर्जी का गैप छोटा तो कम एनर्जी का लाइट उत्सर्जित करेगा।

     

    Types of Led (Light Emitting Diode)

     

    Led का काम विद्युत ऊर्जा  को प्रकाश में रुपांतर करने का है। पर led में भी अलग-अलग प्रकार है। हरएक प्रकार से प्रकाश उत्पन्न होता है पर हरएक के कुछ लाभ और कुछ खासियत है। आज हम Led Meaning in Hindi के इस आर्टिकल में सभी प्रकार के बारेमे विस्तार से समझेंगे।

     

    1 – Dip Led

    2 – Led SMD

    3 – COB Led

    4 – Micro Led

     

    Dip (Direct in Line Package) Led

    इस प्रकार की Light Emitting Diode में ऊपर का हिस्सा वर्तुराकार होता है। निचे सपाट और उनमे से दो तार बहार निकलती दिखती है। इन तारो में एक छोटा रहता है और दूसरा थोड़ा बड़ा होता है।

     

    आमतौर पे छोटा वायर नेगेटिव (कैथोड) होता है। और बड़ा वायर पॉजिटिव (एनोड) होता है। ये दोने के बीचमे थोड़ा गैप होता है पर वायर बाउंड के जरिये दोनों कनेक्ट रहता है।

    इस प्रकार की led को लगाना और निकालना बहुत आसान है।

    ये अलग-अलग साइज में उपलब्ध है जैसे की, 3mm,5mm,10mm.

    हम जो लैंप यूज करते है इसमें बहुत सारी dip led की सीरीज बनायीं जाती है। इसमें कितने watt का लैंप हमें चाहिए इस हिसाब से तैयार किया जाता है।

    Dip led को रिपेर करना आसान है। ख़राब led को आसानी से बदल सकते है। इस प्रकार की led 90 से 120 डिग्री तक प्रकाश दे सकती है।

    साइज और कलर के हिसाब से ये कितने वाल्ट पे कितना प्रकाश उत्पन्न करेगा और कितना करंट लेगा इसका पूरा चार्ट निचे दिया गया है।

     

    SMD (Surface Modulated Diode) LED 

     

    Dip और SMD led देखने में काफी अंतर है। इसका साइज बहुत छोटा होता है इसीलिए, Dip led की तुलना में हम ज्यादा led लगा सकते है। SMD Led हीट जनरेट कम होती है।

     

    SMD में प्लॉस्टिक का केमिकल कैप रहता है। वायर बॉन्डिंग के अलग-अलग टर्मिनल रहते है। और एनोड(पॉजिटिव) और कैथोड (नेगेटिव) टर्मिनल होता है।

     

    इस प्रकार की Led अलग-अलग आकर में, अलग-अलग कलर में और अलग-अलग मॉडल नंबर में उपलब्ध है। मॉडल नंबर से ही इसकी साइज का पता चल जाता है।

     

    उदहारण के तोर पे देखे तो

    कोई एक SMD Led का मॉडल नंबर 8520 है। तो इसकी साइज 8.5*2.0(85*20)mm है।

    मॉडल नंबर के पहले दो अंको और दूसरे अंको में  लम्बाई और चौड़ाई  का माप होता है। ये  माप हमेशा mm में होता है। ऊपर दिए गये मॉडल नंबर की led में 8.5mm लम्बाई समजे तो और 2.0 mm चौड़ाई होती है। 

    इस प्रकार की Led 140 डिग्री तक प्रकाश मिल सकता है।

    Dip Led की तुलना में कलर मैचिंग बहुत अच्छा है।

    SMD में Dip की तुलना में लगभग 25% एनर्जी की खपत ज्यादा होती है।

    इस प्रकार की led में रिपेरे काम थोड़ा मुश्किल होता है। बिच की कोई led ख़राब होती है तो उसे बदलने में समय ज्यादा लग सकता है।

     

    COB (Chip on Board) LED

     

    इस प्रकार की led में मल्टीप्ल led को एक साथ में जोड़कर बनाया जाता है। कम से कम 9 और उससे ज्यादा led को एक साथ में जोड़कर बनाया जाता है।

    SMD और DIP Led की तुलना में बहुत नजदीक से कनेक्ट किया जाता है। देखने में भी खूबसूरत लगता है। प्रकाश भी अच्छा मिलता है। और अलग-अलग पैनल अलग-अलग watt में उपलब्ध होता है।

    Chip on Board में वायर बॉन्डिंग गोल्ड से बना रहता है। ऊपर का सब्सट्रेट सिलिकॉन स्टील से बनाया रहता है। निचे हीट कम करने के लिए हीट सिंक लगाया रहता है। वायर के जरिये P और N को कनेक्ट किया जाता है।

    COB में ऊपर की साइड में हमें yellow कलर दीखता है ये फोस्फरस की कोटिंग है। ये गरमी को रोकता है और इन्सुलेटर का काम करता है।

     

    MCOB (Multiple Chips on Board)

     

    ये एक प्रकार से COB ही होता है। पर कही साडी COB को कनेक्ट करके तैयार किया जाता है इसीलिए,इसे Multiple Chips on board led कहते है।

     

    COB को सीरीज में कनेक्ट किया जाता है। और एक प्लास्टिक की कैप में रख दिया जाता है।

     

    याद रखे -:10*10 की एक पैनल है उसमे हम अलग-अलग प्रकार की Led लगाते है। Dip led 9 लगा सकते है। SMD 40 लगा सकते है और COB टाइप में 342 Led लगा सकते है। जितनी ज्यादा लाइट लगाएंगे इतना ज्यादा आउटपुट मिलेगा इस हिसाब से COB सबसे बेस्ट है।

     

     

     

     

    1- ADVANTAGE OF LED – LED यूज करने के लाभ

     

    1 – LED में बिजली की बचत होती है, कम ऊर्जा की खपत होती है।

    2 – ऑपरेशन फ़ास्ट होता है।

    3 – छोटी साइज में उपलब्ध है।

    4 – Led का आयुष्य किसीभी प्रकाश उत्सर्जक से लम्बा होता है।

    5 – Light Emitting Diode (led) का वजन बहुत कम होता है।

    6  – उसकी रचना मजबूत होती है।

    7 – LED विभिन्न रंगो में उपलब्ध है।

    8 – LED दूसरे लैंप की तुलना में कीमत में बहुत सस्ते है। और आसानीसे मिल जाते है।

    9 – Led Lights पर्यावरण को भी किसी तरह का नुकशान नहीं करता।

     

    Led Lamp

     

    आज Led Lights से होने वाले लाभ के कारण  मार्केट में बहुत सारे प्रकार के उपलब्ध है। इसमें Led Street Light, Led Round Light, Led Square Light, Led Bulb और सीरीज लाइट अलग-अलग कलर में उपलब्ध है।

     

    एक वक्त था की हरएक घरमे इंकंडेंसंत लैंप और CFL हुआ करती थी।फैक्टरी में मर्क्युरी वेपर और सोडियम वेपर हुआ करता  पर उसके सामने Light Emitting Diode (Led) के फायदे बहुत है। इसके कारण आज CFL और लेम्प की जगह ऐल इ डी लाइट ने ले ली है।

     

    एलईडी बल्ब दूसरे किसी भी प्रकार के लैंप के मुकाबले में कम बिजली की खपत करता है।

    Led Lamp की लाइफ लगभग 50000 घंटे तक की होती है।

    एलईडी लैंप में प्रकाश (Lumens) बहुत ज्यादा होता है।

    एलईडी लैंप अलग-अलग साइज और डिज़ाइन में उपलब्ध है।

    Led Lamp के उपयोग करने के लिए भारत सरकार भी प्रोत्साहित करती है। प्रधानमंत्री उजाला योजना के तहत करोडो lamp का मुक्त में वितरण किया है। और आज नजदीकी बिजली के ऑफिस में राहत दर से led lamp का वितरण किया जाता है।

    इंडस्ट्रिज में भी फ्लड लाइट, स्ट्रीट लाइट,प्लांट लाइट एवं ऑफिस लाइट में भी Led Light का ही इस्तेमाल होता है।

    Led Light में दिन-बदिन कीमत कम होती है। और 3 साल से लेकर 5 साल तक रिप्लेसमेंट वारंटी मिलती है।

     

    LED Lights खरीदते वक्त क्या ध्यानमे रखे

     

    lumens चेक करना चाहिए जो प्रकाश का पैमाना है। जिसे लैंप से निकल ने वाली लाइट को माप सकते है। जिनता ज्यादा लुमेन होगा इतना ज्यादा प्रकाश देगा। ल्यूमेन को हम मोबाइल एप्लीकेशन से चेक कर सकते है।

     

    आमतौर पे एक कमरे में 400 से 500 लुमेन होने चाहिए ।

    यदि हमें वाइट लाइट खरीदनी है तो इसमें कूल वाइट और वार्म वाइट led मिलती है। इसमें से cool white led बेहतर है।

    रुम के साइज के हिसाब से led का सिलेक्शन होता है। आमतौर पे 10*10 के कमरे के लिए 9w का led lamp लगा सकते है।

    CRI – चेक करना चाहिए 

    CRI – का मतलब है आपका लाइट सूरज की रौशनी के साथ कितना Match करता है। ये 80 से ज्यादा होना चाहिए।

     

    Led Meaning In Hindi के इस आर्टिकल में led से सभी जानकारी साजा करने की कोशिश की है। फिर भी led से सम्बंधित कोई सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स में लिख सकते हो।

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